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परियोजना का कुल क्षेत्रफल 39310.00 वर्ग मीटर है। जिसके अंतर्गत कुल 296 आवासीय/व्यावसायिक/सेवईत/न्यास इत्यादि भवन है। अब तक कुल 238 भवन क्रय किए जा चुके हैं। जिनके ध्वस्तीकरण के उपरांत परियोजना के अंतर्गत लगभग 21505.92 वर्ग मीटर क्षेत्रफल उपलब्ध हुआ है। भवनों के ध्वस्तीकरण के दौरान विभिन्न भवनों के अंदर 41 अतिप्राचीन मंदिर पाए गए हैं। जिनका उल्लेख वेद-पुराण...
राजा शुद्धोधन की राजधानी कपिलवस्तु, अपने समय की बड़ी वैभवशाली नगरी थी। इसी कपिलवस्तु में राजा शुद्धोधन ने सिद्धार्थ और देवदत्त के बीच घायल हंस को लेकर उठे विवाद का निर्णय सुनाया था जिसका सार था की "मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है" | इस राज्य की बहुत सी यादे महात्मा बुद्ध के साथ जुडी है | राजकुमार...
स्वस्थ आहार को अपने रोज के खाने में सम्मिलित करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन यह एक स्वस्थ शरीर लिए महत्वपूर्ण है। हमारे शरीर को पौष्टिक और संतुलित भोजन की आवश्यकता होती है और इसमें उच्च गुणवत्ता वाली प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, हृदय- स्वस्थ वसा, विटामिन, खनिज और शुद्ध पानी शामिल होते हैं। एक स्वस्थ भोजन से हमारा शरीर तो...
चित्रकूट धाम मंदाकिनी नदी के किनारे पर बसा भारत के सबसे प्राचीन तीर्थस्थलों में एक है, उत्तरप्रदेश में 38.2 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला शांत और सुन्दर चित्रकूट प्रकृति और ईश्वर की अनुपम देन है। चारों ओर से विन्ध्य पर्वत श्रृंखलाओं और वनों से घिरे चित्रकूट को अनेक आश्चर्यो की पहाड़ी कहा जाता है। मंदाकिनी नदी के किनार...
सारनाथ, वाराणसी के १० किलोमीटर पूर्वोत्तर में स्थित प्रमुख बौद्ध तीर्थस्थल हैजहा ज्ञान प्राप्ति के पश्चात भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश दिया था जिसे "धर्म चक्र प्रवर्तन" का नाम दिया जाता है और जो बौद्ध मत के प्रचार-प्रसार का आरंभ था। यह स्थान बौद्ध धर्म के चार प्रमुख तीर्थों में से एक है (अन्य तीन हैं: लुम्बिनी, बोधगया...